अब मैं बात कर रहा हूं एक ऐसे सोशल मीडिया एप के बारे में जो लोगों को सोशललाइज कम और उन्हें बर्बाद ज्यादा कर रहा है। इंस्टाग्राम जहां पर बहुत सारे क्रिएटर्स अपनी इज्जत बेचकर फॉलोवर्स और लाइक्स की भीख मांग रहे हैं। पर क्या आपने कभी सोचा है कि ये सब हमारे समाज को कहां ले जा रहा है?
क्या आप जानते हैं कि 5 साल की बच्ची भी Instagram पर वल्गर कंटेंट बनाने लगती है?
और क्या आपने कभी नोटिस किया है कि ये प्लेटफार्म हमारे दिमाग को कैसे कंट्रोल कर रहा है? आज हम बात करेंगे कि कैसे Instagram हमारे कल्चर को खा रहा है और कैसे इससे बचा जा सकता है क्योंकि अगर आज नहीं संभले तो कल बहुत देर हो चुकी होगी।
“इंस्टाग्राम ने कैसे छीना भारत से असलीपन?”
अब भाई अगर तुम्हें लगता है कि Instagram सिर्फ एक सोशल मीडिया एप है जिस पर लोग सिर्फ चैटिंग और सोशललाइज करने आते हैं तो ये तुम्हारी सबसे बड़ी भूल है।इंस्टाग्राम आज के टाइम पर सिर्फ एक प्लेटफार्म नहीं रहा बल्कि एक कल्चरल क्राइसिस बन चुका है। यहां पे लोग हेट स्पीच, ग्रिंज कंटेंट और कॉपी कल्चर को प्रमोट कर रहे हैं क्योंकि यहां के इन्फ्लुएंसर्स को पता है कि अगर उन्हें व्यूज और फॉलोवर्स चाहिए तो उन्हें कॉन्ट्रोवर्सी और वल्गेरिटी की तरफ जाना होगा। आज के टाइम पर फेमस होने के लिए तुम्हें कुछ करना नहीं पड़ता बस ऑनलाइन गुंडा बनके लोगों को बुली करना है, गालियां देनी है और अगर ये सब नहीं आता तो कपड़े उतारकर अश्लील रील्स बनानी है।
Like के पीछे भागता भारत: देश के युवा संकट में
तुम्हें किसी भी देश को बर्बाद करना है तो वहां की यंग जनरेशन में वल्गेरिटी और नेगेटिविटी फैला दो। उन्हें ये समझा दो कि फेम और सक्सेस का मतलब है कि जितना तुम ज्यादा कॉन्ट्रोवर्सियल हो उतना ही ज्यादा लोग तुम्हें फॉलो करेंगे। सलाहुद्दीन अय्यूबी का एक बहुत ही फेमस कोट है कि अगर तुम्हें किसी देश को बर्बाद करना है तो वहां की यंग जनरेशन में अनैतिकता और नग्नता को आम बना दो। ये कोट हमारे देश की करंट सिचुएशन को बहुत ही अच्छे तरीके से रिप्रेजेंट करता है। हमारे देश का सबसे बड़ा खतरा किसी बाहरी दुश्मन से नहीं है बल्कि अंदर से खराब हो रहे कल्चर से है।
इंस्टाग्राम फेमस होने का कारन और असलियत
अब सबसे पहले बात करते हैं उस चीज की जिसके लिए इंस्टाग्राम सबसे ज्यादा फेमस है, न्यूडिटी और वल्गर कल्चर के लिए। अब तो ये कंफर्म हो चुका है कि ये Instagram बनाया ही इसलिए गया था कि ताकि ये एक तरह का मिनी पोर्न हब बन सके। यहां पर कोई भी रेस्ट्रिक्शंस नहीं है। यहां पे मैक्सिमम फीमेल क्रिएटर्स अपने व्यूज सिर्फ वल्गर कंटेंट से बनाती हैं। उन्हें पता है कि लड़कों के लस्ट को कैसे कैपिटलाइज करना है। एक तरफ ये क्रिएटर्स ज्ञान देते हैं कि लड़कियों को ऑब्जेक्टिफाई नहीं करना चाहिए लेकिन दूसरी तरफ खुद ऐसे कंटेंट बनाती हैं जो इनकी बातों का एकदम ही ऑपोजिट होता है। अब ये सिर्फ यहीं तक नहीं रुकता कई केसेस में ये लोग इतने डिस्परेट होते हैं कि अपनी खुद की एमएमएस खुद ही लीक कर देते हैं। अब इसमें बहुत सारे क्रिएटर्स का नाम शामिल है लेकिन मैं उन्हें प्रमोट नहीं करने वाला इसलिए मैं उनका नाम और चेहरा नहीं दिखाऊंगा। लेकिन अब ये एमएमएस कल्चर इतना कॉमन हो चुका है कि लोग इसे भी नॉर्मलाइज कर चुके हैं। अब तुम लोग खुद ही सोचो कि हम एक सोसाइटी के रूप में कितना गिर चुके हैं। 5 साल की बच्ची तक इंस्टाग्राम पर आके वल्गर कंटेंट बनाने लगती है और उनके कमेंट्स में लोग क्या-क्या लिखते हैं वो तो मैं आपको बता भी नहीं सकता। आज के टाइम पर कोई डार्क ह्यूमर के नाम पर कुछ भी बोल देता है और लोग उसे कूल समझने लगते हैं। Instagram कल्चर ने लोगों का माइंडसेट इतना खराब कर दिया है कि लोग अपने रिश्तों को भी बर्बाद करने में नहीं करते।
सरकार बनाम सोशल जहर: कौन बचाएगा इंडिया को?
अब बात करते हैं कि आखिर इसका सॉल्यूशन क्या है। इंडियन गवर्नमेंट को भी ऑस्ट्रेलियन गवर्नमेंट से सीखना चाहिए। ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन कर दिया है ताकि वो इस तरह के कंटेंट से बच सके और दूसरी बात ऑडियंस को भी ये बात समझनी होगी कि ये सब कंटेंट उनकी डिमांड पे ही बनाया जा रहा है। अगर ऑडियंस ऐसे कंटेंट को इग्नोर करे तो क्रिएटर्स भी ये सब बनाना बंद कर देंगे। अगर तुम्हें कुछ करना है तो ऐसे क्रिएटर्स को रिपोर्ट करो, उन्हें अनफॉलो करो और उनके कंटेंट को इग्नोर करो। Instagram तुम्हारे दिमाग के साथ खेल रहा है। हर बार जब तुम फोन उठाते हो तो Instagram खोल देते हो चाहे तुम्हें कोई मैसेज देखना हो या नहीं। Instagram तुम्हें एंडलेस स्क्रॉलिंग में फंसाए रखता है और तुम्हारा अटेंशन स्पैन खत्म कर देता है। इसलिए जरूरी है कि तुम इस एडिक्शन से बचना।
इंस्टाग्राम और एडिक्टेड दुनिया
अगर Instagram इतनी बुरी चीज है तो इसे हम छोड़ क्यों नहीं देते? इसका रीज़न है होमो फियर ऑफ मिसिंग आउट। अगर तुम्हारे सारे फ्रेंड्स Instagram पर हैं तो तुम्हें भी लगेगा कि यार एक बार Instagram ओपन करके देख ही लेता हूं कि दुनिया में क्या चल रहा है, मेरे फ्रेंड्स क्या कर रहे हैं और इसी चक्कर में हम Instagram ओपन करते हैं और फिर एंडलेस स्क्रॉलिंग के चक्कर में पड़कर घंटों बर्बाद कर देते हैं और बाद में रियलाइज होता है कि आज जो इंपॉर्टेंट काम करना था वो तो हुआ ही नहीं। इसलिए जरूरी है कि तुम अपनी लाइफ पर फोकस करो और दूसरों से कंपेयर करना बंद करो और अंत में एक बात याद रखो लेट्स नॉट नॉर्मलाइज दोस थिंग्स व्हिच आर नॉट नॉर्मल।
जय हिन्द |